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अगर चिराग है तो जल......

अगर चिराग है तो जल तू आँधियों के सामने
अगर हँसी है तो हरेक लबके हाथ थाम ले।

अगर है होंसला तो हर कदम-कदम के साथ चल,
रुकावटें करेंगी क्या अगर इरादे हैं अटल,
जिधर-जिधर मुड़ेगा तू, उधर मुडेंगे रास्ते।
अगर चिराग है तो जल तू आँधियों के सामने।

अगर तू कान है तो दर्द सुन यहाँ हरेक का,
अगर तू आँख है तो दिक्क़तों का कर मुआयना,
अगर ज़बान है तो सामने जहाँ के बोल दे।
अगर चिराग है तो जल तू आँधियों के सामने।

अगर नसीब है तो फिर तू मुफलिसी का साथ दे,
यकीन है अगर कहीं तो आदमी का साथ दे,
अगर तू दायरा है तो पतन के पाँव रोक दे।
अगर चिराग है तो जल तू आँधियों के सामने।

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